मेजर जनरल गेरशोन हैकोहेन ने इस्राईली डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बड़ा ख़ुलासा किया है।
यालोन 2013 से मई 2016 तक इस्राईल के युद्ध मंत्री रह चुके है।
हैकोहेन सितम्बर 2014 में इस्राईली सेना में वरिष्ठ कमांडर के पद से रिटायर हुए थे। उन्होंने दावा किया है कि इस्राईल के पूर्व युद्ध मंत्री ने तकफ़ीरी आतंकवादी कमांडरों से मुलाक़ात की थी, जिसकी मीडिया को भनक तक नहीं लगी।
इस्राईल के पूर्व सैन्य अधिकारी ने यह नहीं बताया कि यह मुलाक़ात कहां और कब हुई थी, हालांकि उन्होंने कहा कि आतंकवादी कमांडरों में से एक सलफ़ी भी था, जिसके बारे में यालोन ने बाद में अधिक जानकारी एकत्रित की थी।
ग़ौरतलब है कि सीरियाई सरकार देश में संकट की शुरूआत से ही अमरीका और इस्राईल पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाती रही है।
इस्राईल, सीरिया में आतंकवादी गुटों का समर्थन करके इस देश के बंटवारे के सपने देख रहा था, लेकिन सीरियाई सरकार, हिज़्बुल्लाह और अन्य स्वयं सेवी बलों के कड़े प्रतिरोध ने ज़ायोनी शासन के सपनों पर पानी फेर दिया और युद्ध के मैदान में तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों को भारी पराजय हुई।
हैकोहेन के इस रहस्योद्घाटन के बाद, येरूशलम पोस्ट ने अपने सूत्रों के हवाले से इस्राईल के पूर्व युद्ध मंत्री और तकफ़ीरी आतंकवादी कमांडरों की बैठक की पुष्टि की है।